महाराष्ट्र के अमरावती डिवीजन में कपास और सोयाबीन का दबदबा
अमरावती (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के अमरावती डिवीजन में इस खरीफ सीजन में कपास और सोयाबीन का दबदबा बना हुआ है। सोयाबीन का रकबा मजबूत रहा है, जबकि कपास की बुआई भी अपने औसत स्तर के करीब पहुंच गई है।
डिवीजन में सोयाबीन की बुआई 13.42 लाख हेक्टेयर में हुई है, जो 14.63 लाख हेक्टेयर के औसत रकबे का 92% है। बुलढाणा जिले में सोयाबीन की बुआई 4.44 लाख हेक्टेयर में हुई है, जो जिले के औसत रकबे का 112% है।
कपास की बुआई भी मजबूत बनी हुई है। डिवीजन में 10.92 लाख हेक्टेयर के औसत रकबे के मुकाबले 10.80 लाख हेक्टेयर में कपास बोया गया है, यानी 99%। यवतमाल में कपास का रकबा 4.87 लाख हेक्टेयर (103%), जबकि अमरावती जिले में 2.67 लाख हेक्टेयर (100%) रहा।
आंकड़ों से पता चलता है कि महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में किसानों का रुझान बाजार आधारित फसलों की ओर बना हुआ है। सोयाबीन क्षेत्र की प्रमुख तिलहन फसल है, जबकि कपास प्रमुख नकदी फसल के रूप में अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए है। दोनों फसलों का रकबा औसत स्तर के आसपास रहना खरीफ सीजन में किसानों की इन पर लगातार निर्भरता को दर्शाता है।
और पढ़ें :- नई कपास की आवक शुरू, भाव ₹9,700 तक