आदिलाबाद में कपास का भाव ₹9,260 प्रति क्विंटल पहुंचा, सूखे से फसल पर संकट
2026-10-24 12:27:54
आदिलाबाद में कपास का अधिकतम भाव ₹9,260 प्रति क्विंटल, सूखे से पैदावार पर खतरा
हैदराबाद: तेलंगाना के आदिलाबाद जिले में 22 अक्टूबर 2026 को कपास का अधिकतम भाव ₹9,260 प्रति क्विंटल तक पहुंच गया, जबकि उस दिन का मोडल भाव ₹9,000 प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। लंबे रेशे वाली कपास के लिए बताए गए ₹8,667 प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की तुलना में अधिकतम भाव ₹593 ऊंचा रहा। हालांकि, बारिश की कमी और लंबे समय तक सूखे की आशंका से किसानों की चिंता बढ़ रही है।
अक्टूबर में कपास की कीमतों में तेजी
आदिलाबाद में 5 अक्टूबर को कपास का भाव ₹7,450 प्रति क्विंटल था। 20 अक्टूबर को यह बढ़कर ₹8,500 प्रति क्विंटल हो गया, जबकि 21 अक्टूबर को ₹8,250 प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। इसके बाद 22 अक्टूबर को अधिकतम भाव ₹9,260 प्रति क्विंटल तक पहुंच गया। 5 अक्टूबर की तुलना में अधिकतम भाव में ₹1,810 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई।
सूखे से फसल को नुकसान की आशंका
जिले के कई हिस्सों में मिट्टी की नमी कम होने से कपास के पौधों के सूखने और टिंडों के समय से पहले फटने की शिकायतें सामने आई हैं। किसानों को आशंका है कि यदि बारिश नहीं हुई, तो प्रति एकड़ उत्पादन घट सकता है।
काली मिट्टी वाले क्षेत्रों में नमी लंबे समय तक बने रहने से फसल की स्थिति लाल मिट्टी वाले क्षेत्रों की तुलना में बेहतर हो सकती है। हालांकि, वास्तविक नुकसान का आकलन फसल सर्वेक्षण के बाद ही किया जा सकेगा। अल नीनो को लेकर भी चिंता जताई जा रही है, लेकिन इसके प्रत्यक्ष प्रभाव की पुष्टि के बिना इसे फसल नुकसान का निश्चित कारण नहीं माना जा सकता।
खरीद के लिए 18 केंद्रों की पहचान
जिला कलेक्टर राजर्षि शाह के अनुसार, किसानों की उपज की सुचारु खरीद के लिए जिले में 33 जिनिंग मिलों और 18 खरीद केंद्रों की पहचान की गई है। आदिलाबाद में लगभग 4.37 लाख एकड़ क्षेत्र में कपास की खेती हुई है और इस सीजन में अच्छी आवक की उम्मीद है।
रिपोर्ट के अनुसार, कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) ने खरीद के पहले दिन कपास में नमी की अधिक मात्रा के कारण खरीद शुरू नहीं की। हालांकि, इस जानकारी की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है। निजी व्यापारी MSP से अधिक कीमत दे रहे हैं, लेकिन सरकारी खरीद के लिए कपास को निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरना होगा।
आने वाले दिनों में बारिश, फसल की गुणवत्ता और मंडियों में आवक कपास बाजार की दिशा तय करेंगे। उत्पादन में भारी गिरावट आने पर ऊंचे भाव के बावजूद किसानों की कुल आय प्रभावित हो सकती है।