महाराष्ट्र में सूखे जैसे हालात, शरद पवार ने CM फडणवीस से की 9 बड़ी मांगें
महाराष्ट्र के कई हिस्सों में बारिश की कमी से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। सोयाबीन, कपास, बाजरा, मक्का, अरहर, मूंग और उड़द जैसी खरीफ फसलों को नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही है। फसलों पर कीट और बीमारियों का प्रकोप भी बढ़ रहा है। इस बीच NCP के वरिष्ठ नेता और सांसद शरद पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर किसानों, खेतिहर मजदूरों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए तत्काल राहत उपाय लागू करने की मांग की है।
पवार ने गंभीर रूप से प्रभावित तालुकाओं में औपचारिक मानदंडों का इंतजार किए बिना सूखा घोषित करने की मांग की है। उन्होंने किसानों को प्रति हेक्टेयर कम से कम 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता और खेती पर निर्भर खेतिहर मजदूर परिवारों को 25 हजार रुपये की विशेष मदद देने की मांग की है।
उन्होंने किसानों के लिए तत्काल कर्जमाफी योजना लागू करने और नए फसल कर्ज उपलब्ध कराने की मांग की। नियमित रूप से कर्ज चुकाने वाले किसानों को मिलने वाली प्रोत्साहन सब्सिडी 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये करने की भी मांग की गई है। इसके अलावा, 2025-26 में फसल कर्ज लेने के बाद इस साल डिफॉल्ट करने वाले किसानों को भी कर्जमाफी योजना में शामिल करने की मांग की गई है।
पवार ने एक रुपये वाली फसल बीमा योजना को पिछली तारीख से लागू करने और पिछले साल बेमौसम बारिश से हुए नुकसान के लिए घोषित 17 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता तुरंत वितरित करने की मांग की है।
इसके अलावा सूखा प्रभावित तालुकाओं में रोजगार गारंटी योजना के तहत जल संरक्षण कार्य शुरू करने, बागों के लिए टैंकर उपलब्ध कराने, पेयजल और चारे की व्यवस्था करने तथा पशुओं के लिए जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
लोड शेडिंग पर नियंत्रण, राज्य और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम शुरू करने तथा सूखा प्रभावित तालुकाओं में स्कूल-कॉलेज की पूरी फीस माफ करने की मांग भी पवार ने रखी है।
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