महाराष्ट्र के कपास किसानों के लिए नई सब्सिडी योजना, मिलेंगे ₹75,000 तक
By jayesh chouhan 2026-07-24 12:51:49
महाराष्ट्र में कपास किसानों के लिए नई सब्सिडी योजना
जलगाँव: कपास किसानों के लिए कृषि विभाग ने 'कॉटन प्रोडक्टिविटी मिशन 2026-27' के तहत एक महत्वपूर्ण योजना शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करना, कपास के डंठलों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना और खेती में आधुनिक तकनीक व मशीनीकरण को बढ़ावा देना है। योजना के तहत पात्र किसानों को बायोचार यूनिट और कॉटन श्रेडर खरीदने पर आकर्षक सब्सिडी दी जाएगी। जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी कुर्बान तडवी ने किसानों से MahaDBT पोर्टल के माध्यम से जल्द ऑनलाइन आवेदन करने की अपील की है।
योजना के अनुसार, कपास के अवशेषों से बायोचार तैयार कर मिट्टी में कार्बन की मात्रा बढ़ाने और उसकी उर्वरता सुधारने पर विशेष जोर दिया गया है। इसके लिए बायोचार यूनिट की खरीद पर किसानों को कुल लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम ₹10,000 (जो भी कम हो) की सब्सिडी मिलेगी। इससे न केवल कृषि अपशिष्ट का बेहतर प्रबंधन होगा, बल्कि उत्पादन लागत कम करने और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी।
इसके अलावा, कपास के डंठलों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटने के लिए कॉटन श्रेडर मशीन खरीदने पर भी वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के किसानों को मशीन की लागत का 50 प्रतिशत, अधिकतम ₹75,000 तक की सब्सिडी मिलेगी। वहीं, सामान्य वर्ग के किसानों को 40 प्रतिशत, अधिकतम ₹60,000 तक की सहायता दी जाएगी। यह योजना व्यक्तिगत किसानों के साथ-साथ किसान समूहों, किसान उत्पादक कंपनियों (FPO) और कृषि सहकारी समितियों के लिए भी लागू है।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि दोनों योजनाओं के लाभार्थियों का चयन 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर किया जाएगा। इसलिए पात्र किसानों को आवेदन में देरी नहीं करनी चाहिए। हालांकि, योजना का लाभ उठाने के लिए बैंक से ऋण लेना अनिवार्य होगा, क्योंकि सब्सिडी ऋण आधारित है। साथ ही, यदि किसी किसान ने पहले किसी अन्य सरकारी योजना के तहत इसी उपकरण पर सब्सिडी प्राप्त की है, तो वह इस योजना का लाभ नहीं ले सकेगा। आवेदन प्रक्रिया या योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए किसान अपने संबंधित तालुका कृषि अधिकारी के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।