खंडेश में कपास उत्पादन घटने के संकेत, जिनिंग उद्योग चिंतित

By yash chouhan 2026-05-28 14:56:49
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महाराष्ट्र : खंडेश में कपास उत्पादन घटने के संकेत, जिनिंग उद्योग चिंता में


महाराष्ट्र : खंडेश क्षेत्र में इस वर्ष कपास उत्पादन में उल्लेखनीय गिरावट के संकेत मिल रहे हैं, जिसका सीधा असर कपास प्रसंस्करण उद्योग पर भी पड़ने की संभावना है। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए अनुमान है कि सितंबर 2026 के अंत तक क्षेत्र में लगभग 18 लाख कपास गांठों (प्रत्येक 170 किलोग्राम) का उत्पादन होगा।


इस सीजन में अक्टूबर से पहले और बाद में हुई लगातार बारिश ने कपास फसल को गंभीर नुकसान पहुँचाया। इसके कारण उत्पादन घटा है और जिनिंग तथा प्रेसिंग इकाइयों को अपेक्षित मात्रा में कच्चा माल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार, इस स्थिति में प्रसंस्कृत कपास (लिंट) के निर्धारित उत्पादन लक्ष्य को हासिल करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।


सामान्यतः खंडेश में हर वर्ष 22 से 24 लाख कपास गांठों का उत्पादन होता है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से उत्पादन में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। विशेष रूप से जलगाँव जिले में उत्पादकता प्रभावित हुई है। इसके पीछे कपास क्षेत्र में कमी, रोगों का प्रकोप और प्रतिकूल मौसम जैसी प्रमुख वजहें मानी जा रही हैं।


आमतौर पर दीवाली के बाद खंडेश की कपास प्रसंस्करण इकाइयाँ पूर्ण क्षमता से संचालित होती हैं, लेकिन इस वर्ष कच्चे माल की कमी के कारण अधिकांश जिनिंग और प्रेसिंग यूनिट्स धीमी गति से काम कर रही हैं।


वर्तमान में क्षेत्र में कपास की दैनिक आवक करीब 1,500 क्विंटल रह गई है। पिछले सीजन में नवंबर और दिसंबर के दौरान औसत दैनिक आवक लगभग 18,000 क्विंटल थी। इस वर्ष हालांकि महीने के पहले पखवाड़े से ही आवक में स्पष्ट गिरावट देखी गई।


दीवाली उत्सव और चुनावों के कारण कुछ समय तक कारखानों की गतिविधियाँ भी प्रभावित रहीं। किसानों से सीधे खरीद यानी ‘फार्म-गेट’ खरीद भी सीमित स्तर पर हो रही है, क्योंकि अधिकांश किसानों के पास अब कपास का स्टॉक शेष नहीं बचा है।


कपास की कटाई के बाद किसानों ने उपलब्ध पानी के आधार पर चना, गेहूँ और मक्का जैसी वैकल्पिक फसलों की ओर रुख किया है। कई गाँवों में जनवरी की शुरुआत तक कपास चुनाई का काम पूरा हो गया था। दिसंबर में वर्षा आधारित क्षेत्रों में चुनाई तेज़ी से हुई, लेकिन अंतिम पैदावार अपेक्षा से कम रहने की पुष्टि अब स्पष्ट रूप से सामने आ रही है।


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