महाराष्ट्र के केज तालुका में खरीफ बुवाई लगभग पूरी, 64 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन की खेती
By jayesh chouhan 2026-07-11 11:54:20
महाराष्ट्र के केज तालुका में खरीफ बुआई ने पकड़ी रफ्तार, 70 हजार हेक्टेयर में खेती; 64 हजार हेक्टेयर में सोयाबीन की बुआई
केज (बीड): महाराष्ट्र के बीड जिले के केज तालुका में इस वर्ष अनुकूल मॉनसूनी बारिश के चलते खरीफ सीजन की बुआई लगभग पूरी हो चुकी है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अब तक 69,813 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुआई की जा चुकी है। इनमें सबसे अधिक 64,215 हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन की बुआई हुई है, जबकि कपास की खेती केवल 1,943 हेक्टेयर में की गई है। इससे स्पष्ट है कि इस बार भी किसानों का सबसे अधिक भरोसा सोयाबीन पर बना हुआ है।
किसानों ने मई के अंतिम सप्ताह से ही खेतों की जुताई, बीज और उर्वरकों की व्यवस्था सहित खरीफ सीजन की तैयारियां शुरू कर दी थीं। 6 जून से लगातार तीन दिन हुई अच्छी बारिश के बाद किसानों ने बड़े पैमाने पर सोयाबीन और अन्य खरीफ फसलों की बुआई शुरू कर दी। शुरुआती बारिश से अच्छी प्रगति हुई, लेकिन इसके बाद लगभग 15 दिनों तक बारिश नहीं होने से बुआई की रफ्तार धीमी पड़ गई। कई किसानों ने अगली बारिश का इंतजार करते हुए खेतों में बुआई रोक दी थी।
20 जून के बाद दोबारा अच्छी बारिश होने पर किसानों ने तेजी से खेतों में काम शुरू किया और बुआई का दायरा तेजी से बढ़ा। इसके परिणामस्वरूप तालुका में कुल 69,813 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुआई पूरी हो गई। सोयाबीन के अलावा मूंग, उड़द, अरहर और मक्का की भी बुआई की गई है, हालांकि इनका रकबा सोयाबीन की तुलना में काफी कम है। कपास की खेती भी सीमित क्षेत्र तक ही सिमटी रही।
जून के पहले सप्ताह में बोई गई सोयाबीन और अन्य फसलें अच्छी तरह अंकुरित हो चुकी हैं। हालांकि, बीच में बारिश रुकने से फसलों की बढ़वार प्रभावित होने की आशंका बनी थी। कई किसानों ने उपलब्ध जल स्रोतों से सिंचाई कर फसलों को बचाने का प्रयास किया। जून के अंतिम सप्ताह में बोई गई सोयाबीन की फसल भी अब निकल चुकी है और खेतों में हरियाली दिखाई देने लगी है।
फिलहाल किसान अच्छी बारिश की उम्मीद लगाए हुए हैं। पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र में बादल तो छाए हुए हैं, लेकिन पर्याप्त वर्षा नहीं हुई है। किसानों का कहना है कि यदि जुलाई के दूसरे पखवाड़े में अच्छी बारिश होती है तो सोयाबीन सहित सभी खरीफ फसलों की बढ़वार बेहतर होगी और उत्पादन में भी बढ़ोतरी की संभावना रहेगी। कृषि विशेषज्ञों का भी मानना है कि समय पर वर्षा जारी रहने पर इस वर्ष केज तालुका में खरीफ उत्पादन संतोषजनक रहने की उम्मीद है।