चीन ने शिनजियांग क्षेत्र के लिए अपनी कपास लक्ष्य मूल्य नीति को तीन साल (2026–2028) के लिए बढ़ा दिया है। इस फैसले के तहत लक्ष्य मूल्य 18,600 RMB (लगभग $2,737 प्रति टन) पर यथावत रखा गया है। इस कदम का उद्देश्य घरेलू कपास किसानों को दीर्घकालिक समर्थन देना, उनकी आय को स्थिर बनाए रखना और वैश्विक बाजार में बनी अनिश्चितताओं के बीच आपूर्ति सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
शिनजियांग चीन का सबसे बड़ा कपास उत्पादक क्षेत्र है, जहां देश के कुल उत्पादन का एक बड़ा हिस्सा तैयार होता है। इस नीति के विस्तार से वहां के किसानों का आत्मविश्वास बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि उन्हें बाजार मूल्य और सरकारी लक्ष्य मूल्य के अंतर के आधार पर सब्सिडी के रूप में आय की गारंटी मिलती रहेगी। इससे उत्पादन में उतार-चढ़ाव कम करने और कपास की खेती को अधिक टिकाऊ बनाने में मदद मिलेगी।
बीजिंग का यह कदम केवल आय सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य कपास उद्योग को अधिक आधुनिक, उच्च गुणवत्ता वाला और पारदर्शी बनाना भी है। सरकार ऐसे आपूर्ति तंत्र को बढ़ावा दे रही है जिनमें ट्रेसबिलिटी (traceability) सुनिश्चित हो और मिलावट की संभावना कम हो। इससे उद्योग में तकनीकी निवेश और उन्नत कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहन मिल सकता है।
वैश्विक स्तर पर, यह नीति अंतरराष्ट्रीय कपास कीमतों को मध्यम अवधि में सहारा दे सकती है, क्योंकि चीन में घरेलू कीमतें अपेक्षाकृत स्थिर रह सकती हैं। इसका असर चीन के आयात पैटर्न पर भी पड़ सकता है, खासकर जब वैश्विक कीमतें अधिक प्रतिस्पर्धी हों।
कुल मिलाकर, यह विस्तार चीन की उस रणनीति को दर्शाता है जिसमें वह बदलते वैश्विक व्यापार परिदृश्य, जलवायु जोखिमों और आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा के बीच अपने कपास क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना चाहता है।